📜 आजादी का आंदोलन और राजस्थान
मुख्य बिंदु (50)
- 1. भारत में एक संगठित किसान आंदोलन की शुरुआत: मेवाड़ के बिजोलिया किसान आंदोलन
- 2. बिजोलिया किसान आंदोलन 44 वर्षों तक चला
- 3. इसका संबंध भीलवाड़ा जिले से है
- 4. संबंधित रियासत: मेवाड़
- 5. प्रारंभ: धाकड़ जाति द्वारा
- 6. आंदोलन तीन चरणों में हुआ
- 7. प्रथम चरण: 1897–1914
- 8. दूसरा चरण: 1914–1923
- 9. तीसरा चरण: 1923–1941
- 10. 1897 में राव कृष्ण ने 84 प्रकार के कर लगाए
- 11. नानाजी और ठाकरी पटेल ने मेवाड़ महाराणा से शिकायत की
- 12. कृष्णराव ने "चवरी कर" लगा दिया
- 13. पृथ्वी सिंह ने तलवार बंदी कर लगाया
- 14. विरोध के नेता: साधु सीताराम दास और फतहकरण चारण
- 15. 1917 में विजय सिंह पथिक ने ऊपर माल पंच बोर्ड की स्थापना की
- 16. दूसरे चरण में नेतृत्व: माणिक्यलाल वर्मा
- 17. तीसरे चरण में नेतृत्व: जमनालाल बजाज
- 18. 1941 में राजस्व मंत्री मोहन सिंह मेहता को बिजोलिया भेजा गया
- 19. महिला सहभागी: अंजना देवी चौधरी, नारायणी देवी, रमा देवी
- 20. बेगू किसान आंदोलन: नेतृत्व - रामनारायण चौधरी (पथिक के आदेश से)
- 21. ट्रेच कमिश्नर बेगू आंदोलन से संबंधित थे
- 22. ट्रेच कमिश्नर ने गोविंदपुरा के किसानों पर गोलीबारी करवाई
- 23. रूपा जी और कृपा जी का संबंध बेगू आंदोलन से है
- 24. बेगू आंदोलन में 53 में से 34 मांगें मानी गईं
- 25. बूंदी किसान आंदोलन 1926 में शुरू हुआ
- 26. नेतृत्व: पंडित न्यूनाराम, रामनारायण चौधरी, हरीभाऊ किंकर
- 27. बारड में नानक भील शहीद हुए
- 28. अलवर किसान आंदोलन का मुख्य कारण: जंगली सूअर
- 29. अलवर आंदोलन 1921 में प्रारंभ हुआ
- 30. उस समय शासक: महाराजा जयसिंह
- 31. नीमुचना में सैकड़ों किसानों पर गोलीबारी हुई
- 32. गांधीजी ने इस घटना को "जलियांवाला बाग हत्याकांड" कहा
- 33. जयपुर राज्य का सबसे बड़ा ठिकाना था: सीकर
- 34. सीकर के शासक थे: कल्याण सिंह
- 35. सीकर आंदोलन की चर्चा लंदन के हाउस ऑफ कॉमंस में हुई
- 36. प्रमुख नेता: सरदार हरलाल सिंह, नेतराम सिंह, पृथ्वी सिंह गोठड़ा
- 37. मास्टर कालीचरण ने चिड़ावा में सेवा समिति बनाई
- 38. भीलों में जागृति लाने वाले: गोविंद गुरु
- 39. गोविंद गुरु ने "संप सभा" की स्थापना की
- 40. 1913 में मानगढ़ पहाड़ी पर सभा हो रही थी
- 41. आदिवासी मसीहा: मोतीलाल तेजावत
- 42. मोतीलाल तेजावत ने एकी आंदोलन चलाया
- 43. एकी आंदोलन में 21 सूत्रीय मांग पत्र बनाया गया
- 44. इस मांग पत्र को "मेवाड़ की पुकार" कहा गया
- 45. उदयपुर के महाराणा ने इनमें से 18 मांगे मानी
- 46. डूंगरपुर-बांसवाड़ा में संगठन: भोगीलाल पंड्या, हरिदेव जोशी
- 47. मीणा चौकीदार "चौथ" लिया करते थे
- 48. ये कहलाए "चौकीदार मीणा"
- 49. 1924 में सरकार ने "क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट" लागू किया
- 50. इस अधिनियम के तहत 12+ उम्र के लोगों को रोज थाने में हाजिरी देनी होती थी
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