⭐⭐ राजस्थान के लोक गीत ⭐⭐🪙
राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत में लोकगीतों का विशेष स्थान है। ये गीत नारी भावनाओं, धार्मिक विश्वासों, प्रेम, विरह, त्यौहारों और सामाजिक घटनाओं से जुड़े होते हैं। प्रस्तुत है 33 प्रमुख लोकगीतों की सूची, उनके संक्षिप्त विवरण के साथ — जो चतुर्थ श्रेणी परीक्षाओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
1. झोरावा गीत
जैसलमेर क्षेत्र का लोकप्रिय गीत जो पत्नी अपने पति के वियोग में गाती है।
2. सुवटिया
उत्तरी मेवाड़ की भील स्त्रियां तोते को संबोधित करके पति वियोग में गाती हैं।
3. पीपली गीत
वर्षा ऋतु में मारवाड़, बीकानेर, शेखावाटी क्षेत्र की स्त्रियां गाती हैं।
4. सेंजा गीत
अच्छे वर की कामना हेतु महिलाओं द्वारा गया जाने वाला विवाह गीत।
5. कुरजां गीत
नायिका अपने परदेश में स्थित पति को संदेश देने हेतु कुरजां पक्षी को संबोधित करती है।
6. जकड़िया गीत
पीरों की प्रशंसा में गाया जाने वाला भक्ति गीत।
7. पपीहा गीत
पपीहा पक्षी को संबोधित कर प्रेमिका उपवन में मिलने की प्रार्थना करती है।
8. कागा गीत
कौवे को संबोधित करके प्रेयसी अपने प्रियतम के आने का शगुन मानती है।
9. कांगसियों
एक लोकप्रिय श्रृंगारिक लोकगीत।
10. हमसीढो
भील स्त्री-पुरुषों द्वारा मांगलिक अवसरों पर गाया जाता है।
11. हरजस
भगवान राम और श्रीकृष्ण की भक्ति में गाए जाने वाले गीत।
12. हिचकी गीत
अलवर क्षेत्र में प्रियतम की याद को दर्शाता दाम्पत्य प्रेम गीत।
13. जलो और जलाल
विवाह में बारात का डेरा देखने आई वधु पक्ष की स्त्रियां गाती हैं।
14. दुपट्टा गीत
दुल्हे की सालियों द्वारा विवाह में गाया जाने वाला गीत।
15. कामण
पति को अन्य स्त्री के जादू-टोने से बचाने हेतु स्त्रियों द्वारा गाया जाता है।
16. पावणा
विवाह के बाद दामाद को भोजन कराते समय गाया जाता है।
17. सिठणें
समधी पक्ष को हास्य के उद्देश्य से संबोधित करते हुए स्त्रियां गाती हैं।
18. मोरिया गीत
जिस लड़की का संबंध तय हो चुका है लेकिन विवाह में देरी हो रही हो।
19. जीरो
जालौर क्षेत्र का गीत जिसमें स्त्री अपने पति को जीरा न बोने की विनती करती है।
20. बिच्छुड़ो
हाड़ौती क्षेत्र का गीत जिसमें स्त्री बिच्छू काटने के बाद पति को दूसरा विवाह करने का संदेश देती है।
21. पंछीड़ा गीत
त्योहारों और मेलों में हाड़ौती व ढूंढाड़ क्षेत्र में गाया जाता है।
22. रसिया गीत
होली पर ब्रज, भरतपुर, धौलपुर व श्रीनाथजी मंदिर में गाया जाने वाला गीत।
23. घूमर
गणगौर, तीज पर घूमर नृत्य के साथ स्त्रियों द्वारा गाया जाता है।
24. औल्यूं गीत
बेटी की विदाई के समय गाया जाने वाला भावनात्मक गीत।
25. लांगुरिया
करौली की कैला देवी की अराधना में गाया जाने वाला भक्ति गीत।
26. गोरबंध
ऊंट के गले के आभूषण पर आधारित मारवाड़ व शेखावाटी क्षेत्र का गीत।
27. चिरमी
चिरमी के पौधे को संबोधित कर बालिका अपनी मनोदशा व्यक्त करती है।
28. पणिहारी
पतिव्रता धर्म पर अडिग रहने वाली राजस्थानी स्त्री का चित्रण।
29. इडुणी
पानी भरने जाते समय गाया जाता है जिसमें इडुणी खो जाने का वर्णन है।
30. केसरिया बालम
विरह युक्त रजवाड़ी गीत, पत्नी द्वारा परदेश गए पति के लिए।
31. धुडला गीत
मारवाड़ क्षेत्र का घुड़ला पर्व पर गाया जाने वाला गीत।
32. लावणी गीत
नायक द्वारा नायिका को बुलाने हेतु गाया गया श्रृंगारिक गीत।
33. मूमल
जैसलमेर की मूमल का सौंदर्य वर्णन करता श्रृंगारिक गीत।
0 Comments: