🌿 राजस्थान के वन, वन्य जीव एवं संरक्षण 🌿
📌 वन क्षेत्र और वर्गीकरण
- राजस्थान के कुल क्षेत्रफल का 1/10 भाग वन है।
- सर्वाधिक वन – उदयपुर में | सबसे कम – चूरू में।
- वनों के तीन प्रकार – आरक्षित, सुरक्षित, अवर्गीकृत।
- आरक्षित वन – सरकार का पूर्ण नियंत्रण, चराई व कटाई पर रोक।
- सुरक्षित वन – सीमित अनुमति के साथ चराई और लकड़ी कटाई।
- अवर्गीकृत वन – कोई सरकारी प्रतिबंध नहीं।
- राजस्थान का राज्य वृक्ष – खेजड़ी 🌳
- राजस्थान का राज्य पुष्प – रोहिडा 🌺
- राजस्थान का कल्पवृक्ष – खेजड़ी
🗺️ भौगोलिक आधार पर वन
- अरावली पर्वतमाला – राजस्थान को दो भागों में बांटती है।
- भौगोलिक दृष्टि से वन – 3 भागों में विभाजित।
- उष्णकटिबंधीय वन – शुष्क और अर्द्ध शुष्क क्षेत्र में।
- शुष्क ज़िले – बीकानेर, चूरू, जैसलमेर, बाड़मेर, नागौर आदि।
- मुख्य वृक्ष – रोहिडा, खेजड़ी, बबूल, नीम, ढोकला आदि।
- सेवन घास – जैसलमेर में।
- शुष्क पतझड़ वन – मानसूनी वन के नाम से भी जाने जाते हैं।
- सदाबहार वन – ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में पाए जाते हैं।
🏞️ राष्ट्रीय उद्यान
- केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान – भरतपुर, प्रसिद्ध पक्षियों के लिए।
- रणथंबोर राष्ट्रीय उद्यान – सवाई माधोपुर, बाघों के लिए प्रसिद्ध।
- मुकुंदरा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान – कोटा व चित्तौड़गढ़ में।
- राष्ट्रीय मरू उद्यान – जैसलमेर व बाड़मेर, गोडावण, चिंकारा, भेड़िया आदि पाए जाते हैं।
🦓 प्रमुख वन्य जीव अभ्यारण्य
- केला देवी – सवाई माधोपुर और करौली
- कुंभलगढ़ – राजसमंद, पाली, उदयपुर
- फुलवारी की नाल – उदयपुर
- सरिस्का – अलवर
- टॉडगढ़ रावली – राजसमंद, अजमेर, पाली
- सीतामाता – प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, उदयपुर
- माउंट आबू – सिरोही, प्रसिद्ध जंगली मुर्गा
- रामगढ़ विषधारी – बूंदी
- जमवारामगढ़ – जयपुर
- चंबल घड़ियाल – कोटा, करौली, धौलपुर
- जवाहर सागर – कोटा, बूंदी, चित्तौड़गढ़
- बंद बरेठा – भरतपुर
- भैंसरोडगढ़ – चित्तौड़गढ़
- सवाई मानसिंह – सवाई माधोपुर
- वनविहार व केसरबाग – धौलपुर
- जयसमंद व सज्जनगढ़ – उदयपुर
- नाहरगढ़ – जयपुर
- शेरगढ़ – बारा
- ताल छापर – चूरू
🧪 अनुसंधान संस्थान
- काजरी – जोधपुर (केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान)
- आफरी – जोधपुर (शुष्क वन अनुसंधान संस्थान)
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